भारत क्या है?
भारत क्या है?
भारत क्या है ,जब ये प्रश्न पूछा जाता है तो हम केवल यह कहकर अपना पल्ला नहीं झाड़ सकते की यह लगभग ३३ लाख वर्ग किलोमीटर की भूमि का टुकड़ा मात्र है।जिसमे २९ राज्य एवम् ८ केंद्रशासित राज्य है। भारत इस सब से कही अधिक है। कुछ लोग भारत की अनेकता में एकता गिनाकर भी भारत की पहचान को समेटने का प्रयास करते है।जो मुझे नही लगता की पर्याप्त है।
मैं समझता हूं कि भारत सनातन की जन्मस्थली होने के साथ - साथ सनातन की आत्मा की रक्षा हेतु 'भीष्म' की भांति अपनी प्रतिज्ञा के पालन हेतु प्रतिबद्ध है। जिसने बौद्ध ,जैन, शैव और वैष्णव शाखाओं को जन्म देते हुए स्लाम और ईसाई जैसे तलवार और षडयंत्र के बल पर विस्तारवादी मान्यताओं के अत्याचारों को भी भली प्रकार देखा ,समझा ,और सहा है। इतना सब होने के बावजूद भी भारत आज भी खड़ा है और खड़ा ही नहीं बल्कि पूरी शान से खड़ा है। इसके गौरव को देखकर लगता है कि मानो कह रहा है कि मेरा जिम्मा सिर्फ सनातन की रक्षा ही नहीं अपितु सम्पूर्ण धारा की रक्षा के साथ-साथ मानव सभ्यता और प्रकृति का सम्मान भी मेरा उद्देश्य है।और मैं अपने मार्ग और कार्य के प्रति सचेत हूं। और ये बातें केवल हवा- हवाई नही है ।भारत का इतिहास और वर्तमान की नीतियां सभी इस और इशारा करती है कि भारत अपने मार्ग से कभी नही हटा। क्योंकि ऊपर जो खूबियां गिनाई गई है , वे सब भारत की आत्म में विद्यमान है। जिस प्रकार माना के जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते है, प्रकृति अपने अपनी ऋतुऐं बदलती है उसी प्रकार भारत में भी समय समय पर बदलाव देखने को मिले है।कई बार आपदाओं की वजह से हम काफी कुछ खो बैठते है लेकिन हम रुकते नहीं आगे बढ़ जाते है । उसी प्रकार इस्लाम भी भारत पर एक आपदा स्वरूप ही था जिसमे हमने अखंड भारत के कुछ हिस्से को खो दिया लेकिन भारत ने अपने सिद्धांतों के साथ कोई समझौता नहीं किया । पूर्व की तरह आज भी यह पूरी तरह प्रकृति के सम्मान और मानव कल्याण के अपने सिद्धांत पर पूर्णतः अडिग है।